अंजीर की खेती कैसे करें

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अंजीर की खेती कैसे करें

अंजीर उपोष्ण क्षेत्रों में पाया जाने वाला महत्त्वपूर्ण फल है| कोहरे को सहन करने में इसकी विशेष क्षमता होती है| अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में इसके ताजे अर्द्ध-सूखे, सूखे फलों एवं विधायन द्वारा तैयार पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुये इसके व्यवसायिक उत्पादन की अपार सम्भावनाएं हैं| अंजीर एक लोकप्रिय फल है, जो ताजा और सूखा खाया जाता है| भारत में इसकी खेती राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात तथा उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में की जाती है| विश्व स्तर पर इसकी खेती दक्षिणी और पश्चिमी अमरीका और मेडिटेरेनियन और उत्तरी अफ्रीकी देशों में उगाया जाता है| बागवान अंजीर की...

अंगूर की खेती

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अंगूर की खेती

अंगूर की खेती का सारांश – व्यावसायिक रूप से अंगूर उगाना अंगूर उत्पादन – उचित तरीके से और बड़े पैमाने पर अंगूर की खेती करने पर यह लम्बे समय तक आय का अच्छा स्रोत हो सकता है। हालाँकि, कच्चा खाने के लिए या वाइन बनाने के लिए, अंगूरों की खेती करना एक ऐसा विकल्प है जो कम से कम दो दशक तक आपको और आपके खेत को व्यस्त रखेगा। इसलिए, यह निर्णय लेने से पहले आपको अच्छी तरह से शोध करने की और एक स्पष्ट व्यावसायिक योजना बनाने की जरूरत होती है। सबसे पहले, आपको यह जानना होगा कि कई देशों में अंगूर उगाने...

बेर की खेती

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बेर की खेती

बागवानी की प्रमुख फसल-बेर शुष्क क्षेत्र बागवानी में बेर का प्रमुख स्थान है। वर्षा आधारित उद्यानिकी में बेर एक ऐसा फलदार पेड़ है जो कि एक बार पूरक सिंचाई से स्थापित होने के पश्चात वर्षा के पानी पर निर्भर रहकर भी फलोत्पादन कर सकता है। शुष्क क्षेत्रों में बार-बार अकाल की स्थिति से निपटने के लिए भी बेर की बागवानी अति उपयोगी सिद्ध हो सकती है। यह एक बहुवर्षीय व बहुउपयोगी फलदार पेड़ है जिसमें फलों के अतिरिक्त पेड़ के अन्य भागों का भी आर्थिक महत्व है। इसकी पत्तियाँ पशुओं के लिए पौष्टिक चारा प्रदान करती है जबकि इसमें प्रतिवर्ष...

अनार की खेती

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अनार की खेती

अनार की खेती भारत में अनार की खेती मुखय रूप से महाराष्ट्र में की जाती है। राजस्थान, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात में छोटे स्तर में इसके बगीचे देखे जा सकते हैं। इसका रस स्वादिष्ट तथा औषधीय गुणों से भरपूर होता है। भारत में अनार का क्षेत्रफल 113.2 हजार हेक्टेयर, उत्पादन 745 हजार मैट्रिक टन एवं उत्पादकता 6.60 मैट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। (2012-13) जलवायु अनार उपोष्ण जलवायु का पौधा है। यह अर्द्ध शुष्क जलवायु में अच्छी तरह उगाया जा सकता है। फलों के विकास एवं पकने के समय गर्म एवं शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है। लम्बे समय...

आंवला की खेती कैसे करें, जानिए उपयुक्त जलवायु, किस्में, रोग रोकथाम, पैदावार

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आंवला की खेती कैसे करें, जानिए उपयुक्त जलवायु, किस्में, रोग रोकथाम, पैदावार

 आंवला एक महत्वपूर्ण व्यापारिक महत्व का फल वृक्ष है| औषधीय गुण व पोषक तत्वों से भरपूर आंवले के फल प्रकृति की एक अभूतपूर्व देन है| इसका वानस्पतिक नाम एम्बलिका ओफीसीनेलिस है| आंवला के फलो में विटामिन ‘सी’ (500 से 700 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम) तथा कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेश्यिम व शर्करा प्रचुर मात्रा में पायी जाती है| साधारणतया आंवला को विटामिन ‘सी’ की अधिकता के लिए जाना जाता है| इसमें उपलब्ध टेनिन जैसे गैलिक व इलेजिक अम्ल होता है, जो कि विटामिन ‘सी’ को आक्सीकरण (आक्सीडेसन) से बचाता है| जिससे फलों में विटामिन ‘सी’ की उच्च मात्रा इनके परिरक्षित करने...

स्ट्राबेरी की उन्नत खेती

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स्ट्राबेरी की उन्नत खेती

स्ट्राबेरी की खेतीभारत में स्ट्राबेरी की खेती सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में 1960 के दशक से शुरू हुई, परन्तु उपयुक्त किस्मों की अनुउपब्धता तथा तकनीकी ज्ञान की कमी के कारण इसकी खेती में अब तक कोई विशेष सफलता नहीं मिल सकी। आज अधिक उपज देने वाली विभिन्न किस्में, तकनीकी ज्ञान, परिवहन शीत भण्डार और प्रसंस्कण व परिरक्षण की जानकारी होने से स्ट्राबेरी की खेती लाभप्रद व्यवसाय बनती जा रही है। बहुद्देशीय कम्पनियों के आ जाने से स्ट्राबेरी के विशेष संसाधित पदार्थ जैसे जैम, पेय, कैंडी इत्यादि बनाए जाने के लिये प्रोत्साहन मिल रहा है।...

पपीता की खेती

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पपीता की खेती

पपीता देश का एक ऐसा फल है जो कम लागत में किसान आसानी से उत्पादन कर सकता है | इसकी खेती उष्णकटिबंधीय जलवायु वाली ज्यादा उपयुक्त है | उपोष्ण जलवायु जहां तापमान 10 – 26 डिग्री सेल्सियस तक रहता है तथा पाले की संभावना न हो , इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है | पपीते के लिए बाजार अस्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो जाता है | किसान समाधान पपीते की पूरी जानकारी आसान भाषा में लेकर आया है | #जलवायु_कैसी_होनी_चाहिए ? पपीते की खेती गर्म तथा ठण्ड दोनों तरह के जलवायु में किया जा सकता है लेकिन तापमान 10...

अमरूद की खेती कैसे करें

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अमरूद की खेती कैसे करें

अमरुद बहुतायत में पाया जाने वाला एक आम फल है और यह माइरेटेसी कुल का सदस्य है| अमरुद की बागवानी भारतवर्ष के सभी राज्यों में की जाती है| उत्पादकता, सहनशीलता तथा जलवायु के प्रति सहिष्णुता के साथ-साथ विटामिन ‘सी’ की मात्रा की दृष्टि से अन्य फलों की अपेक्षा यह अधिक महत्वपूर्ण है| अधिक पोषक महत्व के अलावा, अमरूद बिना अधिक संसाधनों के भी हर वर्ष अधिक उत्पादन देता है, जिससे पर्याप्त आर्थिक लाभ मिलता है| इन्हीं सब कारणों से किसान अमरूद की व्यावसायिक बागवानी करने लगे हैं| इसकी बागवानी अधिक तापमान, गर्म हवा, वर्षा, लवणीय या कमजोर मृदा, कम जल या...

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